Dearness Allowance: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए त्योहारी सीजन से पहले बड़ी राहत की घोषणा की है. सरकार ने तदर्थ बोनस और त्योहारी अग्रिम की पेशकश करते हुए हजारों कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मियों को खुशखबरी दी है. राज्य सरकार ने उन कर्मचारियों को ₹6,800 का तदर्थ बोनस देने का फैसला किया है, जो किसी उत्पादकता आधारित बोनस योजना के दायरे में नहीं आते हैं. इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है.
किसे मिलेगा तदर्थ बोनस?
राज्य सरकार ने साफ किया है कि यह बोनस उन कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी मासिक वेतन मार्च 2025 तक ₹44,000 या उससे कम है. ऐसे कर्मचारियों को ₹6,800 का तदर्थ बोनस दिया जाएगा. ये वे कर्मचारी हैं, जो किसी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (पीएलबी) प्रणाली का हिस्सा नहीं हैं. सरकार के इस कदम से निचले और मध्यम वर्ग के कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा.
मुस्लिम कर्मचारियों को ईद से पहले मिलेगा बोनस
राज्य के वित्त विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, मुस्लिम कर्मचारियों को यह बोनस ईद-उल-फितर से पहले दिया जाएगा. वहीं अन्य कर्मचारियों को यह राशि 15 से 19 सितंबर 2025 के बीच वितरित की जाएगी. सरकार का यह कदम सभी धर्मों के त्योहारों का सम्मान करते हुए सभी वर्गों को समय पर आर्थिक सहायता देने की मंशा को दर्शाता है.
पेंशनर्स को भी मिलेगा लाभ
पश्चिम बंगाल सरकार ने पेंशनर्स का भी ध्यान रखा है. आदेश में कहा गया है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ₹3,500 की एकमुश्त अनुग्रह राशि दी जाएगी. यह लाभ उन सभी पेंशनर्स को मिलेगा जो पहले से रिटायर हो चुके हैं या 31 मार्च 2025 तक रिटायर होने वाले हैं. इससे पेंशनर्स को भी त्योहारों में अतिरिक्त खर्च के लिए राहत मिलेगी.
बोनस और अग्रिम राशि में हुई बढ़ोतरी
पश्चिम बंगाल सरकार ने इस साल बोनस राशि में बढ़ोतरी की है. वर्ष 2024 में बोनस ₹6,000 था और उस समय वेतन सीमा ₹42,000 निर्धारित थी. इस बार सरकार ने इसे बढ़ाकर ₹44,000 कर दिया है और बोनस को बढ़ाकर ₹6,800 कर दिया है. इससे साफ है कि सरकार ने कर्मचारियों की जरूरतों और महंगाई को देखते हुए यह बढ़ोतरी की है.
त्योहार अग्रिम योजना में भी बदलाव
उन कर्मचारियों की भी सरकार ने चिंता की है, जिनकी सैलरी ₹44,000 से थोड़ी ज्यादा है. जिन कर्मचारियों की वेतन ₹44,000 से ₹52,000 के बीच है, उन्हें सरकार ₹20,000 का ब्याज मुक्त त्योहारी अग्रिम देगी. यानी यह राशि बिना किसी ब्याज के कर्मचारियों को दी जाएगी, जिसे वे आगे किस्तों में चुका सकते हैं. यह योजना उन कर्मचारियों के लिए फायदेमंद होगी जो त्योहारों के समय अतिरिक्त खर्च का सामना करते हैं.
विरोध के बीच सरकार का फैसला
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में सरकारी कर्मचारी लंबे समय से महंगाई भत्ते (DA) को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ता दिया जाए. ऐसे माहौल में सरकार द्वारा तदर्थ बोनस और त्योहारी अग्रिम की घोषणा करना कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी खबर है. हालांकि कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इससे DA की मांग खत्म नहीं होती, लेकिन इससे त्योहारों के मौसम में आर्थिक मदद जरूर मिलेगी.
बोनस और अग्रिम से कितने कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस योजना से लाखों कर्मचारियों और हजारों पेंशनर्स को फायदा पहुंचेगा. विशेष रूप से उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी जो निचले और मध्यम वेतन वर्ग में आते हैं. ग्रामीण इलाकों में कार्यरत कर्मचारी भी इस योजना से संतुष्ट नजर आ रहे हैं. क्योंकि त्योहारों के दौरान यह राशि उनके लिए आर्थिक मदद का काम करेगी.
राज्य सरकार का रुख और भविष्य की रणनीति
सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में कर्मचारियों के हित में और भी फैसले लिए जा सकते हैं. सरकार का फोकस इस समय राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत पहुंचाने पर है. सरकार इस बात को भी ध्यान में रख रही है कि बोनस और अग्रिम से कर्मचारियों की कुछ हद तक आर्थिक दिक्कतें कम हो सकें.
कर्मचारी यूनियनों की प्रतिक्रिया
बोनस और अग्रिम की घोषणा के बाद कर्मचारी संगठनों ने मिलेजुले संकेत दिए हैं. यूनियनों का कहना है कि सरकार का यह कदम स्वागत योग्य है लेकिन DA को लेकर आंदोलन जारी रहेगा. राज्य कर्मचारी महासंघ ने कहा कि बोनस से त्योहारों में मदद तो मिलेगी. लेकिन सरकार को DA पर भी जल्द निर्णय लेना चाहिए.