Haryana News: हरियाणा की मुर्रा नस्ल की भैंसें पूरे देश में अपनी दूध देने की कपैसिटी और कवालिटी के लिए जानी जाती हैं। खासकर नारनौल, जींद, रोहतक और भिवानी जैसे इलाकों में यह नस्ल बड़ी संख्या में पाई जाती है। हाल ही में नारनौल के चिंडालिया गांव में एक मुर्रा नस्ल की भैंस ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस भैंस को नोएडा के एक पशुपालक ने 5.11 लाख रुपये में खरीदा है।
हरियाणा में मुर्रा भैंसों की कीमत अक्सर लाखों में जाती है, लेकिन यह भैंस इसलिए खास है क्योंकि यह रोजाना लगभग 25 लीटर दूध देती है। पशुपालन विभाग की कई प्रतियोगिताओं में इस भैंस ने अव्वल स्थान हासिल कर रखा है।
किसान विक्रम लांबा की मेहनत लाई रंग
नारनौल के चिंडालिया गांव के किसान विक्रम लांबा ने इस भैंस को पाल-पोस कर बड़ा किया। विक्रम लांबा ने बताया कि यह भैंस उसका तीसरा ब्यांत कर चुकी है और अब भी लगातार 25 लीटर से ज्यादा दूध दे रही है। किसान विक्रम ने बताया कि उसने भैंस को हाई कवालिटी वाला हरा चारा और पोषक आहार दिया, जिससे भैंस की सेहत और दूध देने की कपैसिटी में लगातार सुधार होता गया।
धीरे-धीरे इस भैंस की चर्चा आसपास के गांवों में भी होने लगी और लोग इसे देखने और खरीदने के लिए आने लगे।
पशुपालन प्रतियोगिताओं में भी मारी बाजी
यह मुर्रा नस्ल की भैंस सिर्फ दूध देने में ही अव्वल नहीं रही बल्कि पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित कई दुग्ध प्रतियोगिताओं में भी विजेता बन चुकी है। किसान विक्रम लांबा के अनुसार भैंस ने एक नहीं बल्कि कई बार जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपनी कपैसिटी का लोहा मनवाया है।
यही वजह है कि इस भैंस की कीमत तेजी से बढ़ी और कई बड़े पशुपालक इसे खरीदने के लिए आगे आए।
तीन बार किया दूध का टेस्ट
इस भैंस को खरीदने के लिए नोएडा के पशुपालक अनिल यादव खुद चिंडालिया गांव पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस भैंस के बारे में काफी चर्चा सुनी थी और भैंस का दूध टेस्ट करने के लिए तीन बार गांव आए।
हर बार भैंस ने सुबह और शाम मिलाकर लगभग 25-26 लीटर तक दूध दिया। दूध की कवालिटी और लगातार उच्च उत्पादन को देखकर अनिल यादव ने इस भैंस के लिए 5.11 लाख रुपये की बड़ी बोली लगाई और भैंस को खरीद लिया।
भैंस बेचने का फैसला आसान नहीं था
किसान विक्रम सिंह लांबा ने बताया कि वह एक साधारण किसान है और उसने यह भैंस सिर्फ दूध के लिए ही पाली थी। भैंस की प्रसिद्धि आसपास के गांवों तक फैल गई थी, जिससे भैंस चोरी होने या बीमारी लगने का खतरा भी बढ़ गया था।
कई बार रात में भैंस की सुरक्षा को लेकर परिवार में चिंता रहती थी। विक्रम ने कहा कि भले ही वह भैंस को बेचना नहीं चाहता था लेकिन मजबूरी में उसे यह फैसला लेना पड़ा।
मुर्रा नस्ल की खासियत क्या है?
हरियाणा की मुर्रा नस्ल की भैंस को देश की बेस्ट दुग्ध उत्पादक नस्ल माना जाता है। इसके दूध में फैट की मात्रा अन्य नस्लों की तुलना में अधिक होती है। यह भैंस आमतौर पर 10 से 15 लीटर दूध रोज देती है लेकिन अच्छी देखभाल और पौष्टिक आहार मिलने पर यह आंकड़ा 25 लीटर तक भी पहुंच सकता है।
मुर्रा भैंस की सबसे बड़ी विशेषता यह भी है कि यह कठिन परिस्थितियों में भी अच्छे से ढल जाती है और रोग प्रतिरोधक कपैसिटी भी मजबूत होती है।
हरियाणा में मुर्रा नस्ल के व्यापार का बढ़ता दायरा
हरियाणा में मुर्रा नस्ल की भैंसों की मांग सिर्फ राज्य तक ही सीमित नहीं है बल्कि पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और यहां तक कि दक्षिण भारत के राज्यों में भी इनकी भारी डिमांड है।
हरियाणा के कई किसान मुर्रा भैंसों को बेचकर लाखों रुपये कमा रहे हैं। किसानों का कहना है कि अच्छी नस्ल की भैंसों की कीमत 3 से 10 लाख रुपये तक जाती है और कई मामलों में इससे भी ज्यादा हो जाती है।
पशुपालकों के लिए यह बनी आय का बड़ा साधन
हरियाणा में मुर्रा नस्ल की भैंसें सिर्फ दूध के लिए ही नहीं बल्कि अच्छी नस्ल तैयार कर बेचने के लिए भी पालित की जाती हैं। एक अच्छी नस्ल की भैंस और उसके बछड़े से पशुपालक सालाना लाखों रुपये तक की कमाई कर सकते हैं।
सरकार भी पशुपालकों को मुर्रा नस्ल की भैंसें पालने के लिए कई योजनाओं के तहत सब्सिडी और ट्रैनिंग उपलब्ध करवा रही है।